Arduino Kya hai full information in hindi

वैसे आजकल हम आए दिन कुछ ना कुछ नया सुनते ही रहते हैं वैसे आपने Arduino के बारे में सुना है या फिर आप इसे इस्तेमाल करना भी जानते हैं और यह भी हो सकता है कि इसके बारे में आपने पहले कभी ना सुना  हो और ना ही आपने इसे कभी इस्तेमाल किया हो हम आपको आज के इस पोस्ट में बताने वाले हैं Arduino Kya hai .

इस  गैजेट की दुनिया में हम चारों तरफ से गिरे हुए हैं और ऐसे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट हैं स्मार्टफोन टेलीविजन और कंप्यूटर जैसे बहुत सारे गैजेट ऐसे में टेक्नोलॉजी में  इंटरेस्ट तो  डेवलप हो ही जाता है और मन करता है कि इस टेक्नोलॉजी के जरिए कुछ नया और इंटरेस्टिंग सीखते रहें, बनाते रहे लेकिन आसान तरीकों से – 

बस ऐसा ही कुछ आपको Arduino के साथ भी महसूस होगा जो एक ऐसे स्माल पापुलर इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जो आपके लिए इलेक्ट्रॉनिक चीजें बनाना बहुत ही ज्यादा आसान बना देता है और इसके लिए आपको इंजीनियर होना भी जरूरी नहीं है और स्टूडेंट , टीचर यहां तक कि बच्चे भी इसके जरिए बहुत कुछ सीख सकते हैं और प्रोजेक्ट में इसका इस्तेमाल भी कर सकते है। 

आज Arduino टाइम के साथ साथ हजारों प्रोजेक्ट का ब्रेन बन चुका है जिसमें प्रतिदिन ऑब्जेक्ट भी शामिल है तो कंपलेक्स scientific सामान भी तभी तो स्टूडेंट, आर्टिस्ट, प्रोग्रामर और प्रोफेसर भी इस ओपन सोर्स प्लेटफार्म को पसंद करते हैं अभी यह  Arduino इतनी इंटरेस्टिंग चीज है तो इसके बारे में तो ज्यादा से ज्यादा जान लेना चाहिए। 

 

 

Arduino Kya hai in hindi – 

 

Arduino एक ऐसी इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जिसके दो पाठ होते हैं। 

1. सर्किट बोर्ड 

2. प्रोग्राम 

मशीन पाठ ओपन सोर्स होता है यानी कि हर कोई Arduino मशीन का अपना खुद का फ्री वर्जन बना सकता है यानी Arduino एक ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर है जो हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का Combination होता है Arduino बोर्ड एक तरह की माइक्रो कंट्रोलर हुआ करते हैं और शायद आप जानते हो कि एक माइक्रो कंट्रोलर बेसिकली एक बहुत ही छोटा कंप्यूटर होता है। 

यह सेंसर से इंपोर्ट को रीड कर सकते हैं और उन इनपुट को आउटपुट में बदल सकते हैं आपको बता दें कि माइक्रो कंट्रोलर ऑटोमोबाइल इंजन में भी मिल सकते हैं तो मेडिकल डिवाइस , रिमोट कंट्रोलर।  ऑफिस इक्विपमेंट में भी मिल सकते हैं यह easy  एक्सेसबल होता है उसके लिए भी जिन्हें इलेक्ट्रॉनिक के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होती। 

इसे और अच्छे से इस तरीके से समझते हैं की जैसे  लिखने के लिए हमें टूल यानी पेंसिल पेन की जरूरत पढ़ती है वैसे ही इलेक्ट्रॉनिक को कंट्रोल करने का एक टूल है Arduino यानी अगर आप अगर किसी इलेक्ट्रॉनिक स्टेप को कंट्रोल करना चाहे तो आप Arduino की हेल्प ले सकते हैं। 

 

इस इलेक्ट्रॉनिक के स्टेट में आते हैं –

इनपुट

आउटपुट 

इनपुट में वे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस आते हैं जो इंफॉर्मेशन को कलेक्ट करती है।

आउटपुट ऐसे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जो परफॉर्म करती है इनपुट डिवाइस की रोक में आप हर तरह के सेंसर को गिन सकते हैं जैसे Temperature Sensors , Light Sensors , Touch Sensors , Humidity Sensors और इन सारे सेंसर को Arduino बोर्ड के जरिए read किया जा सकता है और फिर इससे जो कुछ भी आउटपुट मिलेंगे वह होंगे Dc Motors , Stepper Motors , Servo Motors , LCD Displays , LED Indicator Light , Speakers जैसे इलेक्ट्रॉनिक स्टॉप जो कि किसी तरह का एक्शन  करते होंगे। 

 

Arduino की 3 कांसेप्ट होते हैं –

  1. Arduino Hardware 
  2. Arduino IDE
  3. Arduino Code

 

1. Arduino Hardware – Arduino के फिजिकल कॉम्पोनेंट Arduino बोर्ड होते हैं जिसमें कई तरह के बोर्ड आते हैं और इन सभी डिफरेंट टाइप के बोर्ड में एक चीज का common होती है जो है माइक्रो कंट्रोलर आपको यह भी पता होना चाहिए की मोस्ट पॉपुलर Arduino बोर्ड है Arduino UNO और यह Arduino बोर्ड एक प्रिंटेड सर्किट बोर्ड होता है जिस पर कुछ इलेक्ट्रिकल  कॉम्पोनेंट होते हैं। 

2. Arduino Software – Arduino  केवल हार्डवेयर नहीं बल्कि सॉफ्टवेयर भी है जिसे Arduino IDE Integrated Development Environment कहा जाता है यह एक सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन है जिसे आप कंप्यूटर पर डाउनलोड कर सकते हैं और फिर Arduino बोर्ड को प्रोग्राम करने में इसका यूज़  कर सकते हैं। यह एक फ्री सॉफ्टवेयर है और इसे इस्तेमाल करना भी बहुत ही आसान होता है यह टेक्स्ट एडिटर से काफी मिलता-जुलता है यह वह स्थान है जहां पर आप कोड लिखते हैं और वह Arduino बोर्ड पर लोड हो जाता है 

3. Arduino Code – Arduino IDE पर आप जो कोड लिखते हैं और जो माइक्रोकंट्रोलर पर लोड हो जाता है उसे स्केच कहा जाता है और यह C और C ++  प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का डेरीवेटिव है जिसमें कुछ Arduino पर फंक्शन और इस पिक्चर शामिल है यानी Arduino को प्रोग्राम करने का मतलब होगा C  और C++  प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में प्रोग्रामिंग करना।  

Arduino की 3 कांसेप्ट को जानने के बाद अब हमें उन डिफरेंट कॉम्पोनेंट के बारे में भी जान लेना चाहिए जो Arduino बोर्ड पर मिलते हैं ताकि इसे समझना और भी आसान हो जाए और इसके लिए हम Arduino UNO  बोर्ड के कॉम्पोनेंट को जानेंगे –  

क्योंकि यह मोस्ट पॉपुलर बोर्ड जो है इतना ही नहीं इलेक्ट्रॉनिक और कोडिंग में शुरू करने के लिए यह बेस्ट बोर्ड ही है वैसे आपको फिक्र करने की जरूरत नहीं है क्योंकि ज्यादातर Arduino में इसी तरह के कॉम्पोनेंट मिला करते हैं इसीलिए इसके बारे में जानते हैं – 

1. Power USB – Arduino बोर्ड  को आपके कंप्यूटर से यूएसबी केबल का यूज करके ऑपरेट किया जा सकता है इसके लिए आपको बस यूएसबी केबल को usb कनेक्शन से कनेक्ट करना है। 

2. Power ( Barrel Jack ) –  Arduino बोर्डो को बैरल जैक से  जोड़कर सीधे एसी मेन पावर सप्लाई से ऑपरेट किया जा सकता है। 

3. Voltage Regulator –  इसका काम Arduino बोर्ड को दिए गए वोल्टेज को कंट्रोल करना और प्रोसेसर और अदर कॉम्पोनेन्ट के  द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाली डीसी वोल्टेज को मैनेज करना है। 

4. Crystal Oscillator –  यह टाइम यीशु से डील करने में Arduino की मदद करता है।  

5. Arduino reset –  इसका मतलब आप Arduino बोर्ड को रिसेट कर सकते हैं और अपने प्रोग्राम को बिगिनिंग से शुरू कर सकते हैं इसके लिए आप बोर्ड पर मौजूद रिसेट बटन का यूज कर सकते हैं।  

6. Pins – इसमें  3.3 वोल्ट  5 वोल्ट GND  और VIN  इंक्लूड होते हैं 3.3 बोल्ट 3. 3 आउटपुट वोल्ट को सप्लाई करता है और 5 बोल्ट 5 आउटपुट बोल्ट सप्लाई करता है Arduino बोर्ड की साथ यूज होने वाले ज्यादातर कॉम्पोनेंट इन दोनों बोर्ड के साथ अच्छा परफॉर्म करते हैं GND यानि Ground और UNO पर बहुत ही GND pins  होती है जिनमे से किसी का भी इस्तेमाल सर्किट को ग्राउंड करने के लिए किया जा सकता है VIN इनके जरिए भी Arduino बोर्ड  को एक्सटेंशन पावर सोर्स के जरिए पावर दी जा सकती है जैसे AC Mains Power Supply 

7. Analog Pin – इस बोर्ड में 6 एनालॉग इनपुट पिन भी होती है जो ह्यूमैनिटी सेंसर या टेंपरेचर सेंसर जैसे एनालॉग सेंसर से सिग्नल को रीड कर सकती है और उससे ऐसी डिजिटल वैल्यू में कन्वर्ट कर सकती है जिसे माइक्रो प्रोसेसर पढ़ सकें।  

8. Main Microcontroller – हर Arduino बोर्ड  के पास अपना माइक्रोकंट्रोलर होता है जिसे बोर्ड का ब्रेन भी कहा जा सकता है। 

9. ICSP Pin – ICSP मतलब In-Circuit Serial Programmer जिसे ISP भी कहा जाता है इसका इस्तेमाल आप तब कर सकते हैं जब आप कोई ऐसा प्रोजेक्ट बना रहे हो जिसमें आपको एक से ज्यादा Arduino बोर्ड की जरूरत हो और आप चाहते हो कि वह बोर्ड आपस में कम्युनिकेट करें या फिर आप कुछ Arduino board को मास्टर Arduino बोर्ड से कंट्रोल करना चाहे तो आप कम्युनिकेशन के लिए इन ISP पिन का इस्तेमाल कर सकते हैं .

10. Power LED Indicator –  जब Arduino को पावर source में plug किया जाता है तो यह LED इंडिकेटर में लाइट आ जाती है जिससे पता चलता है कि कनेक्शन सही है। 

11. TX & RX LED –  बोर्ड पर दो लेवल होते हैं TX यानि Transmit और RX  यानी Receive TX LED सीरियल डाटा  सेंड करते समय डिफरेंट स्पीड से फ़्लैश करती है और RX  रिसीविंग प्रोसेस से फ्लास करती है। 

12. Digital I/O – Arduino UNO  बोर्ड पर 14 डिजिटल io pins यानी इनपुट और आउटपुट पिन होती है इन तीनों को लॉजिक वैल्यू 0 और 1 पढ़ने के लिए इनपुट डिजिटल pin के  रूप में काम करने के लिए या LED  रेडी मॉडल चलाने के लिए डिजिटल आउटपुट pin  के रूप में configure किया जा सकता है। 

13. AREF – इसका मतलब होता है एनालॉग रिफरेंस इसका इस्तेमाल कभी-कभी वोल्टेज जो  0 से 5 वोल्ट के बीच होता है को एनालॉग इनपुट पिन के  ऊपर के रूप में सेट करने के लिए किया जाता है। 

Arduino को ऐसे beginner  के लिए बेस्ट माना जाता है जो इलेक्ट्रॉनिक से पहली बार परिचित हो रहे हो और ऐसा इसलिए माना जाता है कि Arduino इजी अक्सेसबल है 

इसे प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की तरह सीखा जा सकता है Arduino सॉफ्टवेयर beginner  के लिए इजी टू यूज़ है और एडवांस यूजर के लिए feasible भी है यानी जितना यह beginner  के लिए परफेक्ट है उतना ही प्रोफेशनल के लिए भी सूटेबल है यह ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर है 

यह Mac , विंडो और लिनक्स पर रन करता है प्रोग्रामिंग और रोबोट में शुरू करने के लिए यह परफेक्ट है टीचर और स्टूडेंट के अलावा इसका इस्तेमाल डिजाइनर आर्टिस्ट मैजिशियन सभी करते हैं 

तो यह सारे पॉइंट बताने बताते हैं कि Arduino वाकई में यूजर फ्रेंडली है शायद इसलिए यह इतना फेमस भी है इसका एक और कारण बहुत ही सिंपल होना है क्योंकि पहले जहां माइक्रोकंट्रोलर का इस्तेमाल करना बहुत ही कठिन हुआ करता था वही Arduino का माइक्रोकंट्रोलर बहुत ही आसान है इसीलिए केवल इलेक्ट्रिक इंजन और कंप्यूटर साइंटिस्ट ही इसका इस्तेमाल नहीं करते बल्कि कोई भी कर सकता है और जहां तक बात स्टूडेंट Arduino  की यूज़फुल होने की है तो आपको यह पता होना चाहिए कि Arduino  रियल  वर्ल्ड में बहुत ज्यादा यूज होता है। 

 

निष्कर्ष

आशा करता हूँ की इस पोस्ट के जरिये दी गयी जानकारी Arduino Kya hai आप को अच्छी लगी होगी। मेरा हमेसा से कोशिश रहता है की आप के लिए अच्छी से अच्छी जानकारी ले कर आये आप सब के लिए अगर आप को इस पोस्ट से जुडी कोई भी सवाल हो तो आप हमे निचे कमेंट कर के बता सकते है , हम उस सवाल का जवाब दे देंगे।

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RAHUL

नमस्कार दोस्तो मेरा नाम राहुल विश्वकर्मा है , और मै इस ब्लॉग का फाउंडर हूँ । मैं अभी कंप्यूटर साइंस से डिप्लोमा कर रहा हूँ , मुझे टेक्नोलॉजी से संबंधित जानकारी शेयर करना बेहद पसंद है । अगर आप टेक्नोलॉजी , कंप्यूटर , इंटरनेट और ऑनलाइन पैसे कैसे कमाये से सम्बंधित विषय मे रुचि रखते है , तो यह ब्लॉग आप के लिए ही बनाया गया है ।

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