RAM क्या है – RAM काम कैसे करता है ?

RAM kya hota hai ? हम आपको रैम से जुड़ी  जानकारी देने वाले है की रैम क्या है ? RAM काम कैसे करता है ? आपको कितने रैम की जरूरत होती है ? अगर आपके सिस्टम में रैम कम पड़ जाए तो उसे कैसे बढ़ाया जा सकता है ? तो यह सब जानकारी के लिए आप इस पोस्ट को जरुर पढ़ें।

 

Full form of RAM – Random Access Memory 

RAM Kya Hota Hai ? Full form of RAM in hindi . 

 

Ram का full form Random Access Memory जोकि एक सुपरफास्ट हाई स्पीड स्टोरेज होता है इसे आप कंप्यूटर की शॉर्ट टर्म मेमोरी भी कह सकते हैं इसे Computing के Fundamental Elements  में से एक माना जाता है RAM सुपरफास्ट के साथ-साथ स्थाई डाटा स्टोरेज भी होता है।

जिसका  इस्तेमाल कंप्यूटर प्रजेंट टाइम में इस्तेमाल हो रहे डाटा को स्टोर करने के लिए करता है इसका मतलब यह हुआ कि जो प्रोग्राम लगातार इस्तेमाल होते हैं यह उन Common डाटा को स्टोर करने का काम करता है RAM किसी भी कंप्यूटर की शार्ट टर्म मेमोरी होती है।

जब की  एक कंप्यूटर की हार्ड डिस्क SSD इसकी लोंग टर्म मेमोरी होती है जहां चीजों को स्टोर किया जाता है हर कंप्यूटर डिवाइस में RAM होता है चाहे वह डेक्सटॉप कंप्यूटर हो जिसमें windows , Mac  या Linux का इस्तेमाल किया जाता हो या एक टेबलेट या एक स्मार्टफोन या फिर एक स्पेशल कंप्यूटिंग डिवाइस हो।

लगभग सभी कंप्यूटर में लंबे अवध के उपयोग के लिए इंफॉर्मेशन स्टोर करने के लिए हार्ड डिस्क होता है लेकिन काम करने की प्रक्रिया रैम में ही की जाती है हार्ड डिस्क ड्राइव HDD सॉलिड डिवाइस SSD जैसे अन्य प्रकार के स्टोरी के मुकाबले रैम में डाटा पढ़ना और लिखना बहुत ही तेज होता है।

 

RAM kaam kaise karta hai in hindi –

 

RAM आपको Allow  करता है कि आप एक समय में एक साथ कई सारे प्रोग्राम अच्छे स्पीड के साथ कर सकते हैं रैम एक हार्ड डिस्क की तुलना में काफी तेज होता है यह किसी हार्डडिस्क से 20 से 100 गुना तेज हो सकता है।

इसकी स्पीड डिपेंड करती है सिस्टम के हार्डवेयर टाइप और TASK पर इसके गति के कारण RAM का उपयोग सुचना को तुरंत Process करने के लिए किया जाता है जब आप किसी स्पेसिफिक काम को पूरा करना चाहते हैं तो कंप्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम हार्ड डिस्क से डाटा को रैम में लोड करता है इसे प्रोसेस करने के लिए।

जब आप पहली बार अपने कंप्यूटर को चालू करते हैं और किसी भी एप्लीकेशन को लॉन्च करते हैं जैसे पावर पॉइंट लोड होने में थोड़ा समय लगता है हालांकि यदि आप किसी प्रोग्राम को बंद करते हैं तो फिर उसे पुनः लोड करते हैं तो सॉफ्टवेयर लगभग तुरंत ओपन हो जाता है।

ऐसा इसलिए है क्योंकि दूसरी बार ऐप को हार्ड डिस्क की वजाय रैम से लोड किया जाता है जोकि हार्ड डिस्क से ज्यादा तेज होता है उदाहरण के लिए अगर आप विंडो का उपयोग करते हैं तो इसके प्रमुख कार्य जैसे कि आपके स्क्रीन पर इमेज को डिस्प्ले करने की एबिलिटी रैम में कॉपी की जाती है क्योकि कि OS उन उपकरणों को सुपरफास्ट एक्सेस की आवश्यकता होती है जो आप हर समय उपयोग करते हैं।

जब किसी एप्लीकेशन को बहुत ज्यादा रैम की जरूरत होती है तो यह अक्सर आप को एक एक्सेस रिपोर्ट देता है जब आप कोई गेम या पावरफुल एप्लीकेशन को लोड करते हैं तो यह अक्सर होता है जब आप गेम लॉन्च करते हैं तो आप को लोडिंग स्पीड दिखाई देती है जिससे पता चलता है कि सिस्टम गेम लोड हो रहा है।

 

हमें सिस्टम में कितने RAM की जरूरत पड़ती है ? 

 

एक कंप्यूटर डिवाइस में जितना ज्यादा रैम होगा वह सिस्टम उतना ही तेज चलता है अगर आपका डिवाइस पुराना है तो आपको हार्डवेयर को अपग्रेड करना पड़ सकता है हर ओपन एप्लीकेशन जैसे की वेब ब्राउज़र में टैब रैम के स्पेस को यूज करता है।

लेकिन आपको यह बात ध्यान रखनी चाहिए कि रैम स्टोरेज से अलग होता है अगर आप अपना PC बंद करते हैं तो रैम से सारी जानकारी सारा डाटा स्टोरेज मतलब कि SSD ,HDD  पर चली जाती है तो आपको कितने रन की आवश्यकता है यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस तरह का काम करते हैं।

आप एक ही बार में कितने काम करते हैं हम हमेशा चाहते हैं कि हमारा सिस्टम जल्द ही रिस्पांस करें ज्यादातर परिस्थितियों में आपको अपने सिस्टम में हार्ड डिस्क का स्पेस ज्यादा चाहिए होता है और रैम के लिए बहुत ही स्पेस की जरूरत होती है कुछ टाइम पहले तक जब विंडो 1905 चलता था तब 8MB से 32 MB तक के RAM से काम चल जाता था।

जबकि आज के समय में जब कंप्यूटर और भी स्मार्ट और अपडेट हो गए  हैं तब एक वेब ब्राउजर जैसे Chrome या Firefox में अगर एक ही टाइम में 10 से 12 टैब खोलते हैं तो उसमें 2GB से ज्यादा रैम लग जाता है जब हम एक कंप्यूटर या मोबाइल या कोई भी इलेक्ट्रॉनिक स्मार्ट डिवाइस खरीदते हैं तो हमें रैम के लिए ऑप्शन मिल जाते हैं जैसे 2GB , 4G , 6GB  , 8GB , 16 GB या इससे भी ज्यादा आप अपने काम के हिसाब से चुन सकते हैं।

 

कितने काम के लिए कितने RAM की जरूरत होती है ? 

 

4GB अगर आप केवल वेब ब्राउजर करते हैं ऑफिस के बेसिक एप्लीकेशन इस्तेमाल करते हैं और कभी-कभी अपने फोटो को एडिट करते हैं तो आपके लिए 4GB रैम काफी है।

8GB –  मल्टीटास्कर या गेम को 8GB रैम वाला कंप्यूटर चुनना चाहिए।

16+ GB – कुछ काम बहुत ज्यादा रैम का बहुत ज्यादा इस्तेमाल करते हैं जैसे कि Gamming , Video Editing और programming इसके अलावा जो यूजर कभी नहीं चाहते कि उनका कंप्यूटर स्लो चले तो उन्हें 16 + RAM वाला कंप्यूटर डिवाइस को खरीदना चाहिए।

 

System में RAM कम पड़ जाए तो क्या करें ? 

 

जब कंप्यूटिंग कार्य मेमोरी पर वर्तमान मात्रा हमसे ज्यादा हो जाता है तो ऑपरेटिंग सिस्टम ऐसे एप्लीकेशन को जो कम इस्तेमाल किए जाते हैं उनको हार्ड डिस्क पर भेज देता है जिससे सिस्टम बहुत स्लो चलने लगता है फिर जब आप इस एप्लीकेशन या डॉक्यूमेंट का इस्तेमाल करते हैं तो वह ओपन होने में बहुत समय लेता है।

इन दिक्क्तों  से बचने के लिए या तो आप अपना रैम का साइज बढ़ा सकते हैं या अपने सिस्टम में दूसरा रैम लगाकर या अक्सर मदरबोर्ड में एक्स्ट्रा स्पेस होता है RAM के लिए तो उसमें आप एक और रैम सेट कर सकते हैं।

इसके अलावा अगर आप नियमित रूप से बेकार चीजों को साफ करते हैं तो आपका कंप्यूटर और अधिक तेज चल सकता है लेकिन रैम बढ़ाने का काम सिर्फ कंप्यूटर में हो सकता है।

अगर आप चाहते हैं चाहे कि आपके मोबाइल या किसी और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का रैम बढ़े तो यह संभव नहीं इसके अलावा हार्ड डिस्क की कमियों की वजह से भी कंप्यूटर स्लो चल सकता है इसके लिए आप के सिस्टम का हार्ड डिस्क तेज हो यह चेक कर लें हार्ड डिस्क SSD होना चाहिए ना कि HDD क्योंकि SSD इसके मुकाबले ज्यादा तेज काम करती है।

 

RAM kitne prakar ke hote hai – Types of RAM in hindi .

 

RAM भी कई प्रकार के होते हैं –

साइंटिस्ट हमेशा नए-नए खोज करते रहते हैं जिससे कंप्यूटर हार्डवेयर के इस्तेमाल में एलजी Conjunctions को कम हो सकते लेकिन उसकी स्पीड और कैपेसिटी बड़े 1990 के दशक के अंत और 2000 के दशक के शुरुआत में यूजर के पास  Static RAM ( SRAM ),  Dynamic RAM ( DRAM ) , Synchronous Dynamic RAM ( SDRAM ) होते थे जिसे वह अपनी पसंद से चुनते  थे।

आजकल जो रैम सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है वह है DDR-RAM इसके कई सारे वर्जन 20 साल में लांच हुए हैं जैसे DDR2 2003 में AAYA जिसकी स्पीड 8.5GB/s  है।

DDR-3  2007 में आया जिसकी स्पीड 17 GB/s है।

DDR4 यह 2014 में आया जिसकी स्पीड 25.6 GB/s है।

DDR5 यह सबसे लेटेस्ट है जो कि 2019 में लांच हुआ था और इसकी स्पीड 32GB पर सेकंड है रैम का एक और प्रकार है VRAM जिसे Video Random Access Memory भी कहा जाता है।

जो आपके ग्राफिक कार्ड पर लगा होता है और इसका इस्तेमाल ग्राफिकल डाटा जैसे गेम लोड करने के लिए किया जाता है Video रैम बाकी दूसरे मेमोरी से भी तेज होती है।

 

इसे भी पढ़े –

ग्राफिक कार्ड क्या होता है ?

HDD And SDD Kya Hota Hai ?

ROM Kya Hai ?

BIOS KYA HAI ?

CMOS क्या है ?

 

 

 निष्कर्ष 

आशा है कि आप को इस पोस्ट के जरिए RAM कैसे काम करता है ? की पूरी जानकारी आपको मिल गई होगी अगर आपको इस पोस्ट से किसी भी तरह का कोई सवाल है तो आप हमें नीचे कमेंट में बता सकते हैं जिससे हम आपके सवालों का जवाब जल्द से जल्द दे सके।

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RAHUL
नमस्कार दोस्तो मेरा नाम राहुल विश्वकर्मा है , और मै इस ब्लॉग का फाउंडर हूँ । मैं अभी कंप्यूटर साइंस से डिप्लोमा कर रहा हूँ , मुझे टेक्नोलॉजी से संबंधित जानकारी शेयर करना बेहद पसंद है । अगर आप टेक्नोलॉजी , कंप्यूटर , इंटरनेट और ऑनलाइन पैसे कैसे कमाये से सम्बंधित विषय मे रुचि रखते है , तो यह ब्लॉग आप के लिए ही बनाया गया है ।

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